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Tuesday, July 6, 2010

भोजपुरी के पहिला ब्लाँग पत्रिका के सुरुआत होता

आप लोगन के जान के हर्ष होई कि भोजपुरी के पहिला ब्लाँग पत्रिका BHOJPURINEXT के सुरुआत हो रहल बा,जहाँ कई गो भोजपुरी वेबसाइट आउर ब्लाग पहीलही से बा त एह पत्रिका के का जरुर बा । बाटे, काहे से कि कवनो ब्लाँग आ वेबसाइट अबही भोजपुरी के विकाश मे ओतना योगदान नईखे दे पवले जेतना कि चाही , एह ब्लाँग पत्रिका पर भोजपुरी से जुङल समाचार, भोजपुरी फिल्म समाचार, खेल समाचार,भोजपुरी ब्लाँग वार्ता, विशेष स्तंभ,तकनिकी जानकारी आउर अन्य विषयन प जुङल जानकारी दिहले क कोशीश कईल जाई । अगर आप लोग भी कुछु लिखल चाहत बानी त आपन रचना हमहन के bhojpurinext@gmail.com पर अपना नाम आउर फोन नम्बर के साथे भेज दीँ । प्रकाशित कईला के पुरा कोशिश कईल जाई , एह ब्लाँग पत्रिका के मुख्य सहयोगी

EtipsBlog
हऊवन । जिनकरा तकनिकी जानकारी आउर मदद से इ पत्रिका के सुरु कईल जा रहल बा । उम्मेद बा की आप लोग सहयोग करब ।

5 गो टिप्पणी:

Etips-Blog Team July 6, 2010 at 12:33 AM  

सुरु किजीये । हम आपके साथ है ।

अजय कुमार July 6, 2010 at 7:59 PM  

स्वागत और बधाई
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

Sarita July 7, 2010 at 8:58 AM  

राउर बड़ी नेक काम कइनी जे इ ब्लाग पत्रिका के शुरुआत कइनी, हामर शुभकामना भी स्वीकार करीं।
एकरा के जल्दी शुरुआत से आगे भी बढ़ाईं।
-
इंटरनेट से घर बैठे एक्ट्रा आमदनी के खातिर रऊआ सभे यहां पधारीं-
http://gharkibaaten.blogspot.com

Navin Dewangan July 7, 2010 at 10:47 AM  

बहुत सुंदर
http://navin-dewangan.blogspot.com/

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा निरंकुश, सम्पादक-प्रेसपालिका (पाक्षिक), जयपुर (राजस्थान) और राष्ट्रीय अध्यक्ष-बास/ Dr. Purushottam Meena Nirankush, Editor PRESSPALIKA,(Fortnightly) Jaipur, Raj. and N. P.-BAAS July 7, 2010 at 6:21 PM  

तलाश जिन्दा लोगों की ! मर्जी आपकी, आग्रह हमारा!!
काले अंग्रेजों के विरुद्ध जारी संघर्ष को आगे बढाने के लिये, यह टिप्पणी प्रदर्शित होती रहे, आपका इतना सहयोग मिल सके तो भी कम नहीं होगा।
=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=

सागर की तलाश में हम सिर्फ बूंद मात्र हैं, लेकिन सागर बूंद को नकार नहीं सकता। बूंद के बिना सागर को कोई फर्क नहीं पडता हो, लेकिन बूंद का सागर के बिना कोई अस्तित्व नहीं है। सागर में मिलन की दुरूह राह में आप सहित प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति का सहयोग जरूरी है। यदि यह टिप्पणी प्रदर्शित होगी तो विचार की यात्रा में आप भी सारथी बन जायेंगे।

ऐसे जिन्दा लोगों की तलाश हैं, जिनके दिल में भगत सिंह जैसा जज्बा तो हो। गौरे अंग्रेजों के खिलाफ भगत सिंह, सुभाष चन्द्र बोस, असफाकउल्लाह खाँ, चन्द्र शेखर आजाद जैसे असंख्य आजादी के दीवानों की भांति अलख जगाने वाले समर्पित और जिन्दादिल लोगों की आज के काले अंग्रेजों के आतंक के खिलाफ बुद्धिमतापूर्ण तरीके से लडने हेतु तलाश है।

इस देश में कानून का संरक्षण प्राप्त गुण्डों का राज कायम हो चुका है। सरकार द्वारा देश का विकास एवं उत्थान करने व जवाबदेह प्रशासनिक ढांचा खडा करने के लिये, हमसे हजारों तरीकों से टेक्स वूसला जाता है, लेकिन राजनेताओं के साथ-साथ अफसरशाही ने इस देश को खोखला और लोकतन्त्र को पंगु बना दिया गया है।

अफसर, जिन्हें संविधान में लोक सेवक (जनता के नौकर) कहा गया है, हकीकत में जनता के स्वामी बन बैठे हैं। सरकारी धन को डकारना और जनता पर अत्याचार करना इन्होंने कानूनी अधिकार समझ लिया है। कुछ स्वार्थी लोग इनका साथ देकर देश की अस्सी प्रतिशत जनता का कदम-कदम पर शोषण एवं तिरस्कार कर रहे हैं।

आज देश में भूख, चोरी, डकैती, मिलावट, जासूसी, नक्सलवाद, कालाबाजारी, मंहगाई आदि जो कुछ भी गैर-कानूनी ताण्डव हो रहा है, उसका सबसे बडा कारण है, भ्रष्ट एवं बेलगाम अफसरशाही द्वारा सत्ता का मनमाना दुरुपयोग करके भी कानून के शिकंजे बच निकलना।

शहीद-ए-आजम भगत सिंह के आदर्शों को सामने रखकर 1993 में स्थापित-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)-के 17 राज्यों में सेवारत 4300 से अधिक रजिस्टर्ड आजीवन सदस्यों की ओर से दूसरा सवाल-

सरकारी कुर्सी पर बैठकर, भेदभाव, मनमानी, भ्रष्टाचार, अत्याचार, शोषण और गैर-कानूनी काम करने वाले लोक सेवकों को भारतीय दण्ड विधानों के तहत कठोर सजा नहीं मिलने के कारण आम व्यक्ति की प्रगति में रुकावट एवं देश की एकता, शान्ति, सम्प्रभुता और धर्म-निरपेक्षता को लगातार खतरा पैदा हो रहा है! अब हम स्वयं से पूछें कि-हम हमारे इन नौकरों (लोक सेवकों) को यों हीं कब तक सहते रहेंगे?

जो भी व्यक्ति इस जनान्दोलन से जुडना चाहें, उसका स्वागत है और निःशुल्क सदस्यता फार्म प्राप्ति हेतु लिखें :-

(सीधे नहीं जुड़ सकने वाले मित्रजन भ्रष्टाचार एवं अत्याचार से बचाव तथा निवारण हेतु उपयोगी कानूनी जानकारी/सुझाव भेज कर सहयोग कर सकते हैं)

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)
राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यालय
7, तँवर कॉलोनी, खातीपुरा रोड, जयपुर-302006 (राजस्थान)
फोन : 0141-2222225 (सायं : 7 से 8) मो. 098285-02666
E-mail : dr.purushottammeena@yahoo.in
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